याद याद बस याद रह जाती है, इश्क में तो हर चीज मिट जाती है ।
अगर ऐसा होता तो मै भी मिट जाता और आप भी मिट जाती, परन्तु ऐसा नही हुआ। सिर्फ़ और सिर्फ़ मै ही मिटूंगा। क्योंकि इश्क मैंने किया था तो मिटना तो मुझे ही होगा। आपकी खुशी के ख़ातिर आपके ख़ातिर।
मै मिटने से नही डरता, डर तो इस बात का है की मै आप की याद में घुट घुट मिटूंगा और न जाने ये याद मुझे आपके याद के साथ हमेशा जिंदा रखे। अगर ऐसा हो गया तो कौन जाने कब तक आपकी याद आयेंगें??
आपकी याद में तड़प है, आग है, तूफान है, हवा भी है और ना जाने क्या क्या !!!तो फ़िर कुछ न कुछ, कोई ना कोई तो बरबाद होगा ही। लेकिन ये आग किसको ले डूबेगी किसको उड़ा देगी कौन जाने। पर आप सुरक्षित है । कारण बाद में बताउंगा।
Tuesday, September 8, 2009
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good...................
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